संक्रमण की रोकथाम की कोशिशों के बीच आर्थिक गतिविधि तेज करनी है


संक्रमण की रोकथाम की कोशिशों के बीच आर्थिक गतिविधि तेज करनी है


अब अनलॉक के फेज ही ढूंढ़ना है
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीसी से राज्यों के मुख्यमंत्रियों से की चर्चा
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए
 


भोपाल : बुधवार, जून 17, 2020, 19:25 IST

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि कोरोना के संक्रमण की रोकथाम की कोशिशों के बीच जहाँ भी संभव हो हमें आर्थिक गतिविधियों को तेज करना है। अब हमें अनलॉक के फेज ही ढूंढ़ना है, उसी दिशा में कदम बढ़ाना है। लॉकडाउन के दबाव को मन से बाहर निकालना है। अब राज्यों को यह निर्णय लेना है कि अनलॉक फेज 2 कैसा हो। यह प्रसन्नता का विषय है कि हर राज्य आर्थिक विकास की गतिविधियों को तेजी देने का प्रयास कर रहा है। प्रतिबंध कम हो, गतिविधियां बढ़े, निर्माण एवं अधोसंरचना विकास को राज्य प्राथमिकता दें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सब मिलकर कोरोना को हराने एवं भारतीयों का जीवन बचाने के लिए प्रतिबद्ध है और निरंतर प्रयासरत है। हमने कोरोना के हालात पर नियंत्रण पाया है। लॉकडाउन के दौरान भारत की जनता ने अनोखा अनुशासन दिखाया है। स्वास्थ्य अधोसंरचना को बढ़ाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। हमें टेलीमेडिसन पर जोर देना होगा। कोरोना के विरूद्ध लड़ाई में यंग वॉलिंटेयर्स तैयार करने होंगे। हमें लोगों को सचेत रखना होगा। जागरूकता बरतनी होगी। आप सभी के सामूहिक प्रयासों से हम कोरोना पर तो विजय पाएंगे ही साथ ही आर्थिक विकास की बुलंदियां भी छुएंगे।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मंत्रालय से वीसी में शामिल हुए। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान, पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जौहरी, प्रमुख सचिव गृह श्री एस.एन मिश्रा उपस्थित थे। वीसी में प्रधानमंत्री द्वारा महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, बिहार एवं तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों से भी चर्चा की। शेष राज्यों के मुख्यमंत्रियों से लिखित में स्थिति की जानकारी प्राप्त की गई।

देश की तुलना में मध्यप्रदेश की कोरोना संक्रमण दर आधे से कम

मध्यप्रदेश की जानकारी में बताया गया कि मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण की गति पूरे देश की तुलना में आधी से भी कम है। मध्यप्रदेश की कोरोना संक्रमण ग्रोथ रेट 1.7 प्रतिशत है, वहीं भारत की 3.8 प्रतिशत है। मध्यप्रदेश की डबलिंग रेट 41.1 दिन है जबकि भारत की 19.4 दिन है।

रिकवरी रेट में उल्लेखनीय सुधार

मध्यप्रदेश में गत 12 मई की तुलना में, जब प्रधानमंत्री ने राज्यों की कोरोना स्थिति की समीक्षा की थी तब मध्यप्रदेश के कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने की दर 46.7 प्रतिशत थी, वहीं 16 जून को यह बढ़कर 73.6 प्रतिशत हो गई है। भारत में कोरोना रिकवरी रेट 52.5 प्रतिशत है। मध्यप्रदेश में कोरोना के 8 हजार 152 मरीज स्वस्थ हो गए हैं।

मध्यप्रदेश में 2 हजार 455 कोरोना एक्टिव केस

मध्यप्रदेश में कोरोना के एक्टिव प्रकरणों में भी निरंतर कमी आ रही है। आज की स्थिति में मध्यप्रदेश में कोरोना के एक्टिव प्रकरण 2 हजार 455 है, जो कि पूरे भारत के कोरोना एक्टिव प्रकरण का 1.6 प्रतिशत है। भारत में कोरोना के एक्टिव प्रकरणों की संख्या एक लाख 53 हजार 178 है। गत 12 मई को मध्यप्रदेश में कोरोना के एक्टिव प्रकरणों की संख्या 1901 थी। मध्यप्रदेश में कोरोना के पॉजीटिव प्रकरणों की संख्या 11083 है, जो कि भारत का 3.2 प्रतिशत है। भारत में कोरोना पॉजीटिव प्रकरणों की संख्या 343090 है।

अनलॉक के बाद कम हुई ग्रोथ रेट

मध्यप्रदेश में अनलॉक-01 के बाद कोरोना की वृद्धि दर में कमी आयी है। 30 मई को मध्यप्रदेश में कोरोना की वृद्धि दर 3.01 प्रतिशत थी जो 16 जून को घटकर 1.7 प्रतिशत रह गई। गत 12 मई को मध्यप्रदेश में कोरोना की वृद्धि दर 3.9 प्रतिशत थी। मध्यप्रदेश के अधिक संक्रमण वाले शहरों इंदौर, भोपाल तथा उज्जैन में कोरोना की ग्रोथ रेट में निरंतर कमी आ रही है। इंदौर की डबलिंग रेट 73.9 दिन, भोपाल की डबलिंग रेट 25 दिन तथा उज्जैन की 49.8 दिन रह गई है।

430 प्रवासी मजदूर संक्रमित

मध्यप्रदेश में 14 लाख 3 हजार प्रवासी श्रमिक लौटे, जिनमें सर्वाधिक बालाघाट में एक लाख तथा झाबुआ में 87 हजार श्रमिक लौटकर आए। इनमें से 12 लाख 3 हजार श्रमिकों को होम क्वारेंटाइन किया गया तथा 63 हजार 387 श्रमिकों को संस्थागत क्वारेंटाइन किया गया। इन श्रमिकों में 19 हजार 130 के सैम्पल लिए गए, जिनमें से 430 सैम्पल कोरोना पॉजीटिव पाए गए।

आई.आई.टी.टी से तोड़ा गया संक्रमण की चैन को

मध्यप्रदेश में आई.आई.टी.टी. (आईडेंटिफाई, आयसोलेट, टैस्ट एण्ड ट्रीट) की रणनीति पर कार्रवाई कर कोरोना की चैन को तोड़ा गया। आईडेंटिफाई के अंतर्गत सघन सर्वे तथा कॉन्टेक्ट ट्रैसिंग की गई। फीवर क्लीनिक के माध्यम से भी मरीजों की पहचान की गई। फर्स्ट कॉन्टेक्ट तथा हाई रिस्क मरीजों को घर पर तथा संस्थाओं में आयसोलेट किया गया। सबसे पहले कॉन्टेक्ट एवं हाई रिस्क मरीजों की सैम्पलिंग की गई तथा टैस्टिंग कैपेसिटी को बढ़ाया गया। इलाज के लिए जिला एवं राज्य स्तर पर व्यवस्थाएं की गई। निजी अस्पतालों से भी अनुबंध कर वहां कोरोना के इलाज की नि:शुल्क व्यवस्था की गई।

6 हजार टैस्ट प्रतिदिन क्षमता

प्रदेश में कोरोना रोग की जल्दी पहचान कर उसका इलाज सुनिश्चित करने के लिए टैस्टिंग क्षमता को बढ़ाया गया तथा अधिक से अधिक टैस्ट किए गए। 6 अप्रैल को प्रदेश की टैस्टिंग क्षमता 600 थी जो कि 16 जून को बढ़कर 10 गुना 6 हजार टैस्ट प्रतिदिन हो गई। अधिक संक्रमण वाले शहरों इंदौर में 16 हजार 712 टैस्ट प्रति 10 लाख, भोपाल में 28 हजार 586 टैस्ट प्रति 10 लाख किए गए। इसी प्रकार उज्जैन में 4 हजार 373 टैस्ट प्रति 10 लाख, बुरहानपुर में 5040 प्रति 10 लाख तथा नीमच में 4562 टैस्ट प्रति 10 लाख किए गए।

कोविड मित्र एवं सार्थक लाइट एप की योजना

मध्यप्रदेश में कोरोना की रोकथाम में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कोविड मित्र योजना बनाई गई। इसी के साथ नागरिकों को कोरोना के टैस्ट एवं इलाज संबंधी सुविधाएं घर बैठे ही प्राप्त करने के उद्देश्य से सार्थक लाइट एप बनाया जा रहा है।


पंकज मित्तल

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