राउरकेला में ऑपरेशन अन्वेषण के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।
इस अभियान में 67 महिलाएं और छह बच्चे सुरक्षित घर लौटे।
साथ ही, कई गुमशुदगी मामले सुलझाए गए।
दरअसल, यह विशेष अभियान 21 जनवरी से 30 जनवरी 2026 तक चला।
इस दौरान मानव तस्करी पर भी प्रभावी रोक लगी।
इसके अलावा, कई पीड़ितों को नया जीवन मिला।
ऑपरेशन अन्वेषण-II से मानव तस्करी मामलों का समाधान
राउरकेला पुलिस ने ऑपरेशन अन्वेषण-II के तहत सघन कार्रवाई की।
परिणामस्वरूप, 10 दिनों में 73 लोग सुरक्षित मिले।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, छह बच्चे भी बचाए गए।
इनमें पांच नाबालिग लड़कियां थीं।
इसके अलावा, एक नाबालिग लड़का भी शामिल था।
सभी पीड़ित असुरक्षित परिस्थितियों में पाए गए।
हालांकि, समय रहते कार्रवाई हो सकी।
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खुफिया सूचना से मिली ऑपरेशन अन्वेषण को मजबूती
खुफिया जानकारी इस अभियान की रीढ़ बनी।
इसके बाद, दर्ज गुमशुदगी रिपोर्टों की समीक्षा हुई।
फिर, कई विशेष टीमें बनाई गईं।
इन टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में तलाशी ली।
नतीजतन, पीड़ितों का सुरक्षित रेस्क्यू हुआ।
इसके अलावा, फील्ड ऑपरेशन लगातार चलते रहे।
इससे सफलता की गति बढ़ी।
ऑपरेशन अन्वेषण के बाद देखभाल और पुनर्मिलन
रेस्क्यू के बाद तुरंत चिकित्सा सहायता दी गई।
साथ ही, काउंसलिंग भी कराई गई।
इसके पश्चात कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई।
फिर, सभी को परिवारों से मिलाया गया।
इस प्रकार, पुनर्वास की प्रक्रिया सफल रही।
पीड़ितों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर ऑपरेशन अन्वेषण का फोकस
पुलिस अधिकारियों ने अभियान का उद्देश्य स्पष्ट किया।
उन्होंने महिला सुरक्षा को प्राथमिकता बताया।
इसके अलावा, बच्चों की सुरक्षा भी मुख्य लक्ष्य रही।
स्थानीय थानों ने विशेष इकाइयों से तालमेल किया।
साथ ही, अन्य एजेंसियों का भी सहयोग मिला।
इस समन्वय से अभियान प्रभावी बना।
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राउरकेला पुलिस की जनता से अपील
राउरकेला पुलिस अभियान जारी रखेगी।
इसके साथ, जनता से सहयोग की अपील की गई।
यदि कोई व्यक्ति लापता हो, तुरंत सूचना दें।
संदिग्ध तस्करी की रिपोर्ट भी तुरंत करें।
इससे समय रहते कार्रवाई संभव होगी।
अंततः समाज सुरक्षित बनेगा।



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