ऑनलाइन बिजनेस के नाम पर ठगी, निवेशकों का हंगामा,फिर कार्यवाई
एमएसक्यू ऐप ऑनलाइन घोटाले का पर्दाफाश
मुख्य आरोपी अशोक बड़ाईक समेत तीन गिरफ्तार
दो करोड़ से अधिक की ठगी, पुलिस की बड़ी कार्यवाई

राउरकेला: साइबर पुलिस स्टेशन की टीम ने एमएसक्यू कंपनी नामक फर्जी ऐप निवेश योजना के तहत लोगों को ठगने वाले मुख्य आरोपी अशोक कुमार बड़ाईक, पुत्र हरि शंकर बड़ाईक, पुरुनापानी थाना हातीबाड़ी, दिवाकर परमानिक, पुत्र कामदेव परमानिक, मधुसूदनपाली थाना प्लांटसाइट और प्रबोध कुमार सिंह उर्फ प्रेम, पुत्र प्रभास सिंह, सरकारी आईटीआई निकट रामनगर थाना रघुनाथ पाली को गिरफ्तार किया। मामले की शिकायत सरिता टोपनो, पुत्री जक्रियास टोपनो, जगदा थाना द्वारा दर्ज कराई गई थी। बुधवार दोपहर में एसपी नितेश वाधवानी ने मीडिया से बातचीत में इसकी पुष्टि की।

पुलिस के अनुसार, आरोपी धोखाधड़ी का जाल बुनकर लोगों को दैनिक उच्च रिटर्न का वादा करके निवेश के लिए प्रेरित करते थे। वे सैमिनार और मीटिंग आयोजित कर निवेशकों को फंसाते, जिससे सैकड़ों लोग योजना में शामिल हुए। जांच में पता चला कि अशोक कुमार बड़ाईक ने स्वयं हजारों लोगों को शामिल कराया, जबकि उसके साथियों ने भी कई हजारों लोगों को जोड़कर करोड़ों रुपये की ठगी की।
फर्जी एमएसक्यू प्लेटफॉर्म में नए सदस्यों को व्हाट्सऐप लिंक के माध्यम से निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाता था। निवेशकों को क्यू आर कोड के जरिए पैसे जमा करने और विज्ञापन देखने पर दैनिक रिटर्न का लालच दिया जाता था। प्रारंभ में कुछ निवेशकों को छोटी रकम लौटाई जाती थी, जिससे उनका भरोसा जीत लिया जाता। लेकिन जैसे ही बड़ी रकम जमा होती, एप्लिकेशन अचानक बंद कर दिया जाता था, जिससे लोगों को भारी नुकसान हुआ।
जांच के दौरान आरोपी के कब्जे से व्हाइट मारुति सुजुकी सेल्सियो(ऑडी 14 एल 7175), नकद ₹5,000, 4 मोबाइल, 3 आधार कार्ड, 2 पैन कार्ड, 2 वोटर आईडी कार्ड, 8 डेबिट कार्ड, 2 चेक बुक, 1 पासबुक, 5 दस्तावेज/डायरी, 9 बैनर/होर्डिंग और एमएसक्यू मैनुअल बुक जब्त किए गए।

गिरफ्तारी में डीएसपी सेराफिना खेस, एस आई एस.के. मोहंती और साइबर पुलिस टीम शामिल रही। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और सभी आरोपियों से आगे पूछताछ की जा रही है।
बता दें की दो दिन पहले सोमवार को ठगी के शिकार निवेशक बड़ी संख्या मे एकजुट हो कर पुलिस मुख्यालय पहुंच कर एसपी ने न्याय की गुहार लगाई थी,जिसे एसपी ने गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्यवाई की।अब देखना है की निवेशकों का डूबा रुपया मिल पाता है की नहीं।पुलिस इस कोशिश में जुटी हुई है।



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