राउरकेला: साइबर ठगी अभियान के तहत पुलिस ने शहर में बड़ा एक्शन शुरू किया है। बढ़ते साइबर अपराध को रोकने के लिए 100 संदिग्ध बैंक खातों की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में कई खातों में संदिग्ध लेनदेन मिला। इसलिए पुलिस ने दर्जनों म्यूल अकाउंट की राशि अस्थायी रूप से फ्रीज कर दी।
दरअसल, हाल के महीनों में साइबर ठगी अभियान की जरूरत बढ़ी है। क्योंकि ऑनलाइन ठगी के मामलों में तेजी आई है। इसी कारण पुलिस ने विशेष ऑपरेशन चलाया है।
साइबर ठगी अभियान और म्यूल अकाउंट नेटवर्क
पुलिस सूत्रों के अनुसार, साइबर ठग मोबाइल कॉल और फर्जी लिंक का उपयोग करते हैं। इसके अलावा वे आकर्षक निवेश योजनाओं का लालच देते हैं। फिर ठगी की रकम सीधे अपने खाते में नहीं रखते। बल्कि वे म्यूल अकाउंट का उपयोग करते हैं।
दरअसल, म्यूल अकाउंट साइबर ठगी अभियान का मुख्य हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे खाताधारकों को कमीशन दिया जाता है। इसके बाद उनके बैंक खातों से अवैध लेनदेन किया जाता है। इस तरह जांच एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश होती है।
हालिया कार्रवाई में कई खातों को फ्रीज किया गया है। वहीं, कुछ खाताधारकों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई “साइबर कवच” ऑपरेशन के तहत की जा रही है।
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ऑपरेशन साइबर कवच में 9 म्यूल अकाउंट उजागर
Rourkela पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन साइबर कवच लगातार जारी है। इस साइबर ठगी अभियान के तहत नौ म्यूल अकाउंट का खुलासा हुआ है।
प्लांटसाइट थाना क्षेत्र में 6 म्यूल अकाउंट
प्लांटसाइट पुलिस ने छह म्यूल अकाउंट का पता लगाया है। ये खाते विभिन्न बैंकों में संचालित हो रहे थे। जांच में सामने आया कि खाताधारकों ने मामूली रकम के बदले अपने खाते गिरोह को सौंप दिए थे। इसलिए पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
रघुनाथपाली थाना क्षेत्र में 3 म्यूल अकाउंट
रघुनाथपाली पुलिस ने Punjab & Sind Bank में तीन म्यूल अकाउंट का पता लगाया है। इन खातों के मूल खाताधारकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कुल नौ मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
साइबर ठगी अभियान के तहत सख्त चेतावनी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जानबूझकर खाता उपलब्ध कराने वालों पर कार्रवाई होगी। यदि कोई व्यक्ति अपना बैंक खाता अवैध लेनदेन के लिए देता है, तो उसे आरोपी माना जाएगा।
इसके अलावा पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें। ओटीपी और बैंक विवरण किसी से साझा न करें। संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर दें।
साइबर ठगी अभियान क्यों जरूरी है?
आज साइबर ठगी अभियान समय की मांग बन चुका है। क्योंकि डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ा है। इसलिए साइबर अपराधी नए तरीके अपना रहे हैं। हालांकि पुलिस की सक्रियता से कई गिरोह बेनकाब हुए हैं। फिर भी जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
इस प्रकार साइबर ठगी अभियान का उद्देश्य पूरे नेटवर्क को तोड़ना है। साथ ही नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
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