रांची एयर एंबुलेंस क्रैश ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। झारखंड के चतरा जिले में यह दर्दनाक हादसा हुआ। रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस सिमरिया के पास दुर्घटनाग्रस्त हुई। इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि विमान में ब्लैक बॉक्स नहीं था। इसलिए, जांच एजेंसियों को कारण पता लगाने में कठिनाई हो सकती है।
🔎 रांची एयर एंबुलेंस क्रैश: ब्लैक बॉक्स क्यों नहीं था?
अधिकारियों के अनुसार यह विमान 5,700 किलोग्राम से कम वजन का था। नागरिक उड्डयन नियमों के तहत ऐसे विमानों में सीवीआर अनिवार्य नहीं होता। इसी तरह एफडीआर भी जरूरी नहीं होता।
विशेषज्ञों ने बताया कि अब जांच अन्य स्रोतों पर निर्भर करेगी। उदाहरण के लिए, एयर ट्रैफिक कंट्रोल से बातचीत का विश्लेषण होगा। साथ ही मलबे की तकनीकी जांच की जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
✈ रांची एयर एंबुलेंस क्रैश: मौसम रडार पर उठे सवाल
जांचकर्ता अब विमान के मौसम रडार की स्थिति की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार खराब मौसम बड़ा कारण हो सकता है।
दुर्घटनाग्रस्त विमान C90 King Air मॉडल का था। आशंका है कि रडार में खराबी थी।
इससे पहले इसी रूट पर Air India और IndiGo की उड़ानों को भी खराब मौसम का सामना करना पड़ा।
हालांकि, दोनों विमानों ने मार्ग बदलने का अनुरोध किया था। इंडिगो ने बाईं ओर जाने की अपील की थी। वहीं दुर्घटनाग्रस्त विमान ने दाईं ओर जाने का अनुरोध किया था।
अब जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि रडार सही था या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि चालक दल ने मौसम संकेतों को सही समझा या नहीं।
ये भी पढ़ें :
राउरकेला प्लेन क्रैश लैंडिंग: तकनीकी खराबी से खेत में उतरा इंडिया वन एयर का विमान, छह घायल
🏥 एयर एंबुलेंस की जानकारी और क्रू विवरण
यह विमान Redbird Airways Private Limited द्वारा संचालित था। विमान रांची से दिल्ली मेडिकल इवैक्यूएशन मिशन पर था।
विमान में मरीज संजय कुमार (41) सवार थे। साथ ही एक डॉक्टर और एक पैरामेडिक मौजूद थे। दो अटेंडेंट और दो पायलट भी विमान में थे।
पायलट इन कमांड विवेक विकास भगत के पास लगभग 1400 घंटे का अनुभव था। फर्स्ट ऑफिसर सवराजदीप सिंह के पास करीब 450 घंटे का अनुभव था।
यह विमान वर्ष 1987 में निर्मित हुआ था। इसे 2022 में रेडबर्ड एयरवेज ने Orient Flying School से खरीदा था।
🔍 रांची एयर एंबुलेंस क्रैश: आगे क्या होगा?
अब जांच एजेंसियां तकनीकी और मानवीय दोनों पहलुओं की समीक्षा करेंगी। इसके अलावा मौसम संबंधी डेटा का भी विश्लेषण होगा।
रांची एयर एंबुलेंस क्रैश की पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम कारण स्पष्ट होगा। फिलहाल, यह हादसा विमान सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।



GIPHY App Key not set. Please check settings