वेदव्यास वृद्धाश्रम तीन साल से बंद, उठे सवाल

Closed Vedyas Old Age Home building in Rourkela
Closed Vedyas Old Age Home building in Rourkela

23 करोड़ की परियोजना बेकार, बुजुर्गों की उपेक्षा जारी

राउरकेला:
वेदव्यास वृद्धाश्रम राउरकेला आज भी बंद पड़ा है, जिससे बुजुर्गों की समस्या बढ़ रही है।
यह अत्याधुनिक आश्रम बेसहारा बुजुर्गों के लिए बनाया गया था।

हालांकि, तीन साल बीतने के बाद भी इसका संचालन शुरू नहीं हुआ।
इस कारण जरूरतमंद वृद्धजन उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं।


🏗 वेदव्यास वृद्धाश्रम परियोजना और सुविधाएं

Vedyas Old Age Home

वेदव्यास त्रिवेणी संगम पर यह आश्रम बनाया गया है।
इसका नाम “वेदव्यास हाउस” रखा गया है।

इस परियोजना का उद्देश्य बुजुर्गों को सुरक्षित आश्रय देना था।
यहां रहने, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करानी थीं।

इसके अलावा योग केंद्र और खेलकूद की सुविधा भी बनाई गई है।
साथ ही पुस्तकालय की व्यवस्था भी विकसित की गई है।

करीब चार एकड़ भूमि पर इसका निर्माण किया गया।
इसके लिए डीएमएफ फंड से 23 करोड़ रुपये खर्च किए गए।


🔒 तीन साल से बंद वेदव्यास वृद्धाश्रम

निर्माण कार्य पूरा हुए तीन साल बीत चुके हैं।
फिर भी आश्रम अब तक चालू नहीं हो सका है।

वर्तमान में भवन में ताला लगा हुआ है।
केवल सुरक्षा कर्मी इसकी देखरेख कर रहे हैं।

200 बिस्तरों वाला यह भवन पूरी तरह खाली पड़ा है।
इससे सरकारी संसाधनों के उपयोग पर सवाल उठ रहे हैं।

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⚠️ बुजुर्गों की बढ़ती समस्या और उपेक्षा

दूसरी ओर कई बुजुर्ग सड़क किनारे रात बिताने को मजबूर हैं।
कुछ बुजुर्ग बाजारों के बरामदों में आश्रय लेते हैं।

इसके अलावा कई लोगों को भोजन के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
कई बार उन्हें भूखे भी रहना पड़ता है।

हालांकि, खेल आयोजनों के दौरान खिलाड़ियों को यहां ठहराया जाता है।
लेकिन जिनके लिए आश्रम बना, वे अब भी वंचित हैं।


🏛 Vedyas Old Age Home

निर्माण में देरी और प्रशासन पर सवाल

जानकारी के अनुसार परियोजना मई 2020 में शुरू हुई थी।
इसे मई 2021 तक पूरा होना था।

हालांकि, निर्माण कार्य 2024 में जाकर पूरा हुआ।
इसके बावजूद संचालन अब तक शुरू नहीं हुआ।

इस स्थिति से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।


🗣 जल्द शुरू करने की मांग

स्थानीय विधायक ने इस मुद्दे को उठाया है।
उन्होंने अधिकारियों से जल्द उद्घाटन की मांग की है।

उन्होंने कहा कि आवश्यक कदम जल्द उठाए जाएंगे।
इससे आश्रम को शुरू करने की उम्मीद बढ़ी है।


🌆 समाधान से मिल सकती है राहत

स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सुविधा बेहद जरूरी है।
यदि आश्रम शुरू होता है, तो कई बुजुर्गों को राहत मिलेगी।

इससे उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा।
साथ ही सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

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