राउरकेला जिला गठन को लेकर ओडिशा सरकार के पास 31 नए जिलों का प्रस्ताव भेजा गया है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो ओडिशा में जिलों की संख्या बढ़कर 61 हो जाएगी। इस प्रस्ताव में राउरकेला को स्वतंत्र जिला बनाने की मांग प्रमुख है। हालांकि, सुंदरगढ़ जिला के विभाजन का विरोध भी सामने आया है। इसलिए राउरकेला जिला गठन को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
इसके अतिरिक्त, ‘वेदव्यास’ नाम से नया जिला बनाने का प्रस्ताव भी चर्चा में है। ऐसे में सरकार विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है।
राउरकेला जिला गठन और सुंदरगढ़ विभाजन विवाद
दरअसल, सुंदरगढ़ जिला हेमगिरि से कोइड़ा तक फैला हुआ है। जिला मुख्यालय सुंदरगढ़ शहर में स्थित है। परिणामस्वरूप, कोइड़ा और बणई क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए लगभग 200 किलोमीटर यात्रा करनी पड़ती है।
इसी प्रकार, राउरकेला से सुंदरगढ़ की दूरी करीब 100 किलोमीटर है। इसलिए राउरकेला जिला गठन की मांग लंबे समय से उठ रही है। यदि सुंदरगढ़ का विभाजन होता है, तो राउरकेला जिला बनने से स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।
इसके विपरीत, कुछ संगठनों ने सुंदरगढ़ जिले का विभाजन न करने की याचिका दायर की है। इसलिए प्रशासन असमंजस की स्थिति में है।
वेदव्यास जिला प्रस्ताव और प्रशासनिक सुविधा
इसी बीच ‘वेदव्यास जिला’ का प्रस्ताव भी सरकार को प्राप्त हुआ है। यदि वेदव्यास जिला बनाया जाता है, तो भी क्षेत्रीय संतुलन संभव है। हालांकि, राउरकेला जिला गठन को लेकर लोगों में अधिक उत्साह देखा जा रहा है।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े भौगोलिक जिलों को विभाजित करना आवश्यक है। इससे सरकारी सेवाएं तेजी से जनता तक पहुंचती हैं।
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ओडिशा में जिलों का ऐतिहासिक विकास
1 अप्रैल 1936 को ओडिशा को भाषा के आधार पर राज्य का दर्जा मिला था। उस समय कटक, पुरी, बालेश्वर, संबलपुर, कोरापुट और गंजाम को मिलाकर राज्य बना था।
बाद में बलांगीर, ढेंकानाल, केंदुझर, कालाहांडी, मयूरभंज, फुलबाणी और सुंदरगढ़ जिले बनाए गए। इसके बाद जिलों की संख्या 13 हो गई थी।
वर्ष 1993 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बीजू पटनायक की सरकार ने 17 नए जिलों का गठन किया। वर्तमान में राज्य में कुल 30 जिले हैं।
अब 31 नए जिलों के प्रस्ताव के साथ राउरकेला जिला गठन फिर चर्चा में है।
मंत्री सुरेश पुजारी का बयान
विधानसभा सत्र के दौरान राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि नए जिलों के गठन से संबंधित सभी प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्राप्त याचिकाओं पर उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा। मंत्री द्वारा प्रस्तुत सूची में राउरकेला जिला गठन का नाम शामिल है। हालांकि, सुंदरगढ़ विभाजन के विरोध की जानकारी भी दी गई है।
राउरकेला जिला गठन क्यों जरूरी?
पहले, राउरकेला औद्योगिक और शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है।
दूसरे, यहां की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है।
तीसरे, प्रशासनिक दूरी के कारण आम नागरिकों को कठिनाई होती है।
इसलिए राउरकेला जिला गठन से प्रशासनिक कार्य सरल होंगे। साथ ही विकास योजनाओं का क्रियान्वयन तेज होगा।
निष्कर्ष: राउरकेला का भविष्य क्या?
वर्तमान में राउरकेला जिला गठन पर संशय बना हुआ है। हालांकि, सरकार जनहित को प्राथमिकता देने की बात कर रही है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।
अब सबकी नजर सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी है।



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