दिलीप राय राज्यसभा जीत राउरकेला और पूरे ओडिशा के लिए गर्व का क्षण बन गई है।
भाजपा समर्थित लोकप्रिय नेता दिलीप राय ने राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज की।
इस जीत के बाद समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला।
साथ ही राउरकेला से लेकर भुवनेश्वर तक जश्न का माहौल बन गया।
हालांकि मुकाबला कड़ा माना जा रहा था।
लेकिन अंततः दिलीप राय राज्यसभा जीत सुनिश्चित हो गई।
इसके बाद समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मनाई।
राज्यसभा चुनाव में दिलीप राय की जीत
राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार दिलीप राय ने शानदार जीत हासिल की।
वहीं बीजेडी और कांग्रेस के साझा उम्मीदवार डॉ. दत्तेश्वर होता को हार का सामना करना पड़ा।
जैसे ही मतदान समाप्त हुआ, परिणाम की स्थिति स्पष्ट होने लगी।
सोमवार दोपहर तक दिलीप राय की जीत लगभग तय हो गई थी।
इसके बाद समर्थकों ने तुरंत जश्न शुरू कर दिया।
राउरकेला से सैकड़ों समर्थक भुवनेश्वर पहुंचे।
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दिलीप राय की राज्यसभा जीत के बाद मेफेयर होटल में जश्न
दिलीप राय की जीत के बाद भुवनेश्वर के मेफेयर होटल में जश्न मनाया गया।
समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उत्सव मनाया।
साथ ही पूरे माहौल में उत्साह और खुशी दिखी।
इसके अलावा समर्थकों ने भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद भी लिया।
इस मौके पर कई नेताओं और समर्थकों ने दिलीप राय को बधाई दी।
प्रधानमंत्री और भाजपा नेताओं का आभार
इस अवसर पर दिलीप राय ने सभी नेताओं और समर्थकों का धन्यवाद किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष आभार जताया।
इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी धन्यवाद दिया।
साथ ही ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मझी का भी आभार व्यक्त किया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल को भी धन्यवाद दिया गया।
दिलीप राय ने कहा कि यह जीत जनता के विश्वास की जीत है।
राउरकेला और ओडिशा के लिए गर्व का पल
दिलीप राय की जीत राउरकेला के लिए गर्व का क्षण बन गई है।
इस जीत से ओडिशा की राजनीति में उनका कद और बढ़ गया है।
सैकड़ों समर्थक उत्साह के साथ भुवनेश्वर पहुंचे।
उन्होंने ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी जाहिर की।
क्रॉस वोटिंग पर विजय महापात्र का बयान
दिलीप राय के करीबी राजनीतिक सहयोगी विजय महापात्र ने भी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि इस जीत की पृष्ठभूमि तीन महीने पहले तैयार हुई थी।
उन्होंने क्रॉस वोटिंग पर भी बयान दिया।
उनके अनुसार यह बीजेडी हाईकमान के खिलाफ असंतोष का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि कुछ विधायकों ने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए मतदान किया।



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