साइबर ठगी में गिरफ्तार: म्यूल बैंक अकाउंट से 4.19 करोड़ रुपये की हेराफेरी

राजगांगपुर में साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश

Police arrest suspects in cyber fraud mule bank account case
Rajgangpur police arrest two accused in ₹4.19 crore cyber fraud case.

साइबर ठगी में गिरफ्तार दो आरोपियों से जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
राजगांगपुर में सक्रिय साइबर ठगी गिरोह पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की।
म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए 4.19 करोड़ रुपये की हेराफेरी सामने आई।

सुंदरगढ़ जिला पुलिस ने संगठित साइबर ठगी पर सख्त कदम उठाया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमृतपाल कौर के निर्देश पर हुई।
इसके बाद दो युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।


म्यूल बैंक अकाउंट से करोड़ों की साइबर ठगी

एसडीओपी विभूति भूषण भोई ने प्रेसवार्ता में जानकारी दी।
थाना प्रभारी विजय किशोर दास भी इस दौरान मौजूद रहे।
राजगांगपुर स्थित HDFC Bank में खातों की जांच हुई।

खातों के सत्यापन के दौरान संदिग्ध लेनदेन सामने आया।
जांच में अब्दुल कादिर और मोहम्मद फैयाज रजा की भूमिका उजागर हुई।
दोनों ने तीन व्यक्तियों के नाम पर खाते संचालित किए।

इन म्यूल बैंक अकाउंट में अज्ञात लोगों से रकम जमा होती थी।
इसके बाद चेक के माध्यम से तुरंत निकासी की जाती थी।
कुल 4 करोड़ 19 लाख 14 हजार 136 रुपये का लेनदेन पाया गया।

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साइबर ठगी गिरोह को मिलता था कमीशन

पुलिस के अनुसार आरोपी साइबर अपराधियों के निर्देश पर काम कर रहे थे।
लेनदेन सुगम बनाने के बदले उन्हें कमीशन मिलता था।
यह कमीशन पांच से दस प्रतिशत तक बताया गया है।

इस प्रकार म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए साइबर ठगी को अंजाम दिया गया।
हालांकि, पुलिस ने समय रहते नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
दोनों आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया।


आईटी अधिनियम और बीएनएस के तहत मामला दर्ज

मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराएं लगाई गई हैं।
साथ ही आईटी अधिनियम की धारा 66(सी) और 66(डी) जोड़ी गई है।
जांच के दौरान कई दस्तावेज जब्त किए गए।

जब्त सामग्री में चेकबुक और स्वहस्ताक्षरित चेक शामिल हैं।
इसके अलावा आधार कार्ड और बैंक दस्तावेज भी बरामद हुए।
सभी साक्ष्य जांच में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।


साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
साथ ही संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
साइबर ठगी गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है।

पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।
किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी साझा न करें।
बैंक विवरण भी किसी के साथ साझा न करें।

संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर दें।
इस प्रकार साइबर ठगी से बचाव संभव है।

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Written by Admin

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