राउरकेला/भुवनेश्वर। Odisha Monsoon 2026 के तहत ओडिशा में मानसून अब पूरी रफ्तार पकड़ने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले एक सप्ताह तक व्यापक वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई है। इसके साथ ही, कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
आईएमडी के अनुसार, 1 जुलाई से बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है। इसलिए, कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। अगले सात दिनों तक राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।
Odisha Monsoon 2026: पहले 24 घंटे के लिए ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने बालेश्वर, भद्रक, मयूरभंज, कंधमाल, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और गजपति जिलों के लिए अगले 24 घंटे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में गरज-चमक, वज्रपात, 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, राज्य के अन्य कई जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
Odisha Monsoon 2026: 1 जुलाई से और तेज होगा बारिश का दौर
आईएमडी के अनुसार, 30 जून से 1 जुलाई के बीच केंदुझर, मयूरभंज, कंधमाल, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और गजपति में भारी बारिश होने की संभावना है।
इसके बाद, 1 से 2 जुलाई के बीच बरगढ़, मयूरभंज, सोनपुर और बलांगीर में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। साथ ही, 2 से 3 जुलाई के दौरान मयूरभंज में अत्यधिक वर्षा की आशंका जताई गई है।
सुंदरगढ़, केंदुझर, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और गजपति में भी इसी अवधि में भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
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Odisha Monsoon 2026: दक्षिणी ओडिशा में सबसे अधिक असर
मौसम विभाग के अनुसार, 3 जुलाई के बाद भारी बारिश का केंद्र दक्षिणी ओडिशा की ओर खिसक जाएगा।
3 से 4 जुलाई के बीच कोरापुट और मलकानगिरी में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, 4 से 5 जुलाई के दौरान रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और गजपति में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। 5 से 6 जुलाई के बीच भी कोरापुट और मलकानगिरी में भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है।
इसके साथ ही, केंदुझर, मयूरभंज, कालाहांडी, कंधमाल, नबरंगपुर, गंजाम और पश्चिमी ओडिशा के कई जिलों में अलग-अलग दिनों में भारी बारिश हो सकती है।
Odisha Monsoon 2026: बाढ़, जलभराव और भूस्खलन का खतरा
आईएमडी ने लगातार भारी बारिश के कारण कई संभावित जोखिमों को लेकर चेतावनी जारी की है।
नतीजतन, शहरी क्षेत्रों में जलभराव, निचले इलाकों में स्थानीय बाढ़, कम दृश्यता और यातायात बाधित होने की आशंका है। कच्ची सड़कें और कमजोर ढांचे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है।
इसके अलावा, कई नदी बेसिनों में जलस्तर बढ़ने की संभावना है। खेतों में खड़ी फसलों और बागवानी को भी नुकसान पहुंच सकता है।
Odisha Monsoon 2026: तेज हवाओं से बिजली लाइनें और फसलें प्रभावित हो सकती हैं
मौसम विभाग के अनुसार, तेज हवाओं और आंधी का असर बिजली एवं संचार सेवाओं पर पड़ सकता है।
विशेष रूप से, केले सहित बागानों की फसलें प्रभावित हो सकती हैं। कमजोर मकानों और अस्थायी ढांचों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
Odisha Monsoon 2026: लोगों के लिए मौसम विभाग की एडवाइजरी
आईएमडी ने लोगों से आंधी और बिजली चमकने के दौरान घरों के भीतर रहने की अपील की है।
साथ ही, पेड़ों के नीचे शरण लेने, खुले स्थानों में रुकने और बिजली के तारों या जल स्रोतों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकालने और अनावश्यक यात्रा टालने की भी सलाह दी गई है।
वाहन चालकों को जलभराव वाले मार्गों से बचने और यात्रा से पहले यातायात की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
Odisha Monsoon 2026: मछुआरों के लिए फिलहाल कोई चेतावनी नहीं
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले पांच दिनों तक ओडिशा तट पर मछुआरों के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।
हालांकि, 6 जुलाई के बाद भी अगले तीन दिनों तक मौसम के मिजाज में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। ऐसे में राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।


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