राउरकेला हवाईअड्डा विस्तार परियोजना के लिए 375.5 एकड़ अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है। हालांकि, अब तक इस भूमि का हस्तांतरण पूरा नहीं हो सका है। इसलिए राउरकेला हवाईअड्डा विस्तार की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। मास्टर प्लान के अनुसार सेक्टर-13, 14 और 15 को चिन्हित किया गया है।
यदि यह भूमि उपलब्ध नहीं होती, तो राउरकेला हवाईअड्डा विस्तार अधर में लटक सकता है। साथ ही, वैकल्पिक जमीन भी उपलब्ध नहीं है।
राउरकेला हवाईअड्डा विस्तार के लिए 375 एकड़ भूमि क्यों जरूरी?
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने फिजिबिलिटी स्टडी और ओएलएस सर्वे पूरा कर लिया है। इसके बाद राउरकेला हवाईअड्डा विस्तार का मास्टर प्लान तैयार किया गया।
मास्टर प्लान में राउरकेला स्टील प्लांट के सेक्टर-13, 14 और 15 शामिल हैं। इन क्षेत्रों में स्कूल, मंदिर और डाकघर मौजूद हैं। इसके अलावा, सैकड़ों आवासीय क्वार्टर भी स्थित हैं।
यहां बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त आरएसपी कर्मचारियों के लीज क्वार्टर भी हैं। इसलिए राउरकेला हवाईअड्डा विस्तार के लिए भूमि खाली कराना आसान नहीं है।
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पुनर्वास, मुआवजा और पर्यावरणीय चुनौती
यदि अतिक्रमण हटाया जाता है, तो मुआवजा प्रक्रिया लंबी होगी। पुनर्वास में कम से कम चार से पांच वर्ष लग सकते हैं।
साथ ही, लगभग ढाई लाख पेड़ों की कटाई करनी पड़ेगी। ऐसे में वन विभाग की अनुमति अनिवार्य होगी।
हालांकि, इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई पर्यावरणीय चिंता बढ़ाती है। इसलिए राउरकेला हवाईअड्डा विस्तार के सामने कई बाधाएं हैं।
भूमि हस्तांतरण और प्रशासनिक बैठकें
हाल ही में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, जिला प्रशासन और आरएसपी प्रबंधन के बीच बैठक हुई। हालांकि, बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका।
सूत्रों के अनुसार, आरएसपी भूमि हस्तांतरण के लिए तैयार है। फिर भी प्रक्रिया अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही है। इसलिए जमीन का स्वामित्व एएआई को कब मिलेगा, यह स्पष्ट नहीं है।
विधानसभा में उठा राउरकेला हवाईअड्डा विस्तार मुद्दा
रघुनाथपाली के विधायक दुर्गा चरण तांती ने विधानसभा में प्रश्न उठाया। उन्होंने पूछा कि राउरकेला हवाईअड्डा विस्तार कब शुरू होगा।
इसके उत्तर में वाणिज्य एवं परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हवाईअड्डे को सेल से एएआई को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया गया है।
इसके अलावा, बड़े विमानों के संचालन के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सुंदरगढ़ प्रशासन ने लीज भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया शुरू कर दी है।
साथ ही, 9-सीटर विमानों के लिए IndiaOne Air को अनुमति दी गई है।
राउरकेला हवाईअड्डा विस्तार का भविष्य
वर्तमान में राउरकेला हवाईअड्डा विस्तार कई चुनौतियों से घिरा है। भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पर्यावरणीय अनुमति बड़ी बाधाएं हैं।
हालांकि, नियमित विमान सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। इसलिए परियोजना को जल्द गति देना आवश्यक है।
अब सभी की नजर सरकार और संबंधित एजेंसियों के अंतिम निर्णय पर टिकी है।



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