राउरकेला हिंदू सम्मेलन में नागरिक कर्तव्य पालन का आह्वान

धर्म, एकता व राष्ट्र प्रेम का दिया गया संदेश

Devotees participating in Rourkela Hindu Sammelan Kalash Yatra
Grand Kalash Yatra during Rourkela Hindu Sammelan

राउरकेला हिंदू सम्मेलन में नागरिक कर्तव्य पालन का आह्वान

राउरकेला हिंदू सम्मेलन 17 फरवरी को महताब रोड स्थित गंजाम बस्ती में आयोजित हुआ।
इस राउरकेला हिंदू सम्मेलन में शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज की एकता और नागरिक कर्तव्य का संदेश देना था।
इसके साथ ही राष्ट्र प्रेम और सामाजिक समर्पण पर भी जोर दिया गया।

सबसे पहले श्री संकटमोचन मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई।
इसके बाद महिलाएं कलश लेकर मधुसूदन चौक पहुंचीं।
फिर यात्रा मेन रोड और डीलक्स गली से गुजरी।
अंततः सभी श्रद्धालु सम्मेलन स्थल पर एकत्र हुए।

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राउरकेला हिंदू सम्मेलन में कलश यात्रा और धार्मिक अनुष्ठान

राउरकेला हिंदू सम्मेलन की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार से हुई।
इसके पश्चात यज्ञ और पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भाग लिया।
फलस्वरूप पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना।

मुख्य वक्ता के रूप में सेक्टर छह स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के प्राचार्य सुरेंद्र शतपथी उपस्थित रहे।
उन्होंने राउरकेला हिंदू सम्मेलन के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने “सर्वे भवन्तु सुखिनः” का संदेश समझाया।
साथ ही “वसुधैव कुटुंबकम्” के आदर्शों पर भी चर्चा की।
इसके अलावा उन्होंने नागरिक कर्तव्य निभाने का आह्वान किया।
इस प्रकार राउरकेला हिंदू सम्मेलन ने समाज को सकारात्मक दिशा दी।

Devotees in Kalash Yatra at Rourkela Hindu Sammelan
Devotees in Kalash Yatra at Rourkela Hindu Sammelan

राउरकेला हिंदू सम्मेलन में सामाजिक एकता और राष्ट्र प्रेम पर जोर

सम्मेलन में अंगद बारिक और वीणा घोष सम्मानित अतिथि रहे।
उन्होंने राउरकेला हिंदू सम्मेलन की सराहना की।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को संगठित करते हैं।
इसके अलावा उन्होंने युवाओं की भागीदारी की प्रशंसा की।

मंच संचालन उमा शंकर पात्र ने प्रभावी ढंग से किया।
वहीं संघ प्रचारक सुब्रत सामंतराय ने मार्गदर्शन दिया।
साथ ही संयोजन की जिम्मेदारी मनीष अग्रवाल ने निभाई।

कार्यक्रम को सफल बनाने में कई युवाओं ने सहयोग किया।
मनोज पात्र और बीरेन पति सक्रिय रूप से जुड़े रहे।
इसके अतिरिक्त रोहित गर्ग और ऋषभ गुप्ता ने भी योगदान दिया।

अंततः राउरकेला हिंदू सम्मेलन सनातन संस्कृति का प्रतीक बना।
इस आयोजन से हिंदू समाज की एकता को नई मजबूती मिली।

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Written by Admin

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