हास्य, साहित्य और देशभक्ति का भावपूर्ण संगम राउरकेला में
राउरकेला में संकल्प हास्योत्सव कवि सम्मेलन ने जगाया राष्ट्रप्रेम
राउरकेला में संकल्प हास्योत्सव कवि सम्मेलन ने गणतंत्र दिवस से पूर्व शहर को साहित्यिक ऊर्जा से भर दिया।
यह भव्य आयोजन इंडस्ट्रियल एस्टेट जेल रोड स्थित ग्रीन पाम परिसर में सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर हास्य, वीर रस और सामाजिक संवेदनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला।
साथ ही, हिंदी साहित्य और राष्ट्रप्रेम की भावना हर कोने में महसूस हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
डीआईजी बृजेश राय ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया।
इसके बाद विधायक शारदा नायक और आरएसपी डीआईसी आलोक वर्मा ने आयोजन की सराहना की।
उन्होंने हिंदी भाषा के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

संकल्प संस्था के कवि सम्मेलन में देशभर के प्रसिद्ध कवियों की शानदार प्रस्तुति
सबसे पहले मंचासीन सभी कवियों को पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
इससे कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ गई।
इसके बाद देश के विभिन्न राज्यों से आए कवियों ने मंच संभाला।
प्रमुख कवियों में शामिल रहे:
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शशिकांत यादव (देवास) https://www.facebook.com/Andersonreeves26
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अमित शुक्ला (रीवा)
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श्रद्धा शौर्य (नागपुर)
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मुन्ना बैटरी (मंदसौर)
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पार्थ नवीन (प्रतापगढ़)
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योगिता चौहान (आगरा)
इन सभी कवियों ने समसामयिक विषयों पर प्रभावशाली रचनाएं प्रस्तुत कीं।
हर प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
हास्य, व्यंग्य और देशभक्ति से सजा संकल्प हास्योत्सव
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती वंदना से हुई।
शशिकांत यादव ने प्रभावी मंच संचालन किया।
श्रद्धा शौर्य की वीर रस कविताओं ने माहौल को राष्ट्रभक्ति से भर दिया।
उन्होंने कहा, “धर्म बचेगा तभी देश बचेगा।”
अमित शुक्ला ने बुजुर्ग विवाह और बेटी के महत्व पर व्यंग्य प्रस्तुत किया।
उनकी रचनाओं ने हंसी के साथ गहरा संदेश दिया।
शशिकांत यादव ने राजनीति और क्रिकेट सट्टे पर कटाक्ष किया।
उन्होंने “हमारा हिंदुस्तान प्यारा” कविता से तालियां बटोरीं।
इसके अलावा पार्थ नवीन, मुन्ना बैटरी और योगिता चौहान ने हास्य और श्रृंगार रस बिखेरा।
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गणतंत्र दिवस से पहले साहित्य और सामाजिक चेतना का संदेश
गणतंत्र दिवस से पहले यह आयोजन बेहद प्रेरणादायक रहा।
इसने युवाओं को देशभक्ति और अनुशासन के प्रति जागरूक किया।
कवियों की संवेदनशील अभिव्यक्तियों से सभागार काव्य रस से सराबोर हो गया।
हर श्रोता भावनाओं में डूबा नजर आया।

संकल्प संस्था के पदाधिकारियों का सराहनीय योगदान
इस सफल आयोजन के पीछे कई लोगों का योगदान रहा।
संरक्षक गोपाल जी बगड़िया ने मार्गदर्शन प्रदान किया।
अध्यक्ष डॉ. के.के. प्रजापति ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया।
उपाध्यक्ष श्रवण पारीक और सचिव ऊषा अग्रवाल ने समन्वय किया।
साथ ही किसन अग्रवालऔर दौलत अग्रवाल ने सहयोग दिया।
कुल मिलाकर संकल्प हास्योत्सव कवि सम्मेलन बना यादगार आयोजन
अंततः यह कवि सम्मेलन हिंदी साहित्य के प्रति समर्पण का प्रतीक बना।
साथ ही इसने गणतंत्र दिवस की भावना को जीवंत कर दिया।
राउरकेला में संकल्प हास्योत्सव कवि सम्मेलन लंबे समय तक याद रखा जाएगा।



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